मंदिर में घंटी जरूर बजाएं
प्रतिदिन पूजा पाठ के साथ-साथ कुछ कार्य करने से न सिर्फ पूजा का सुफल मिलता है, बल्कि उसके वैज्ञानिक प्रभाव का भी सकारात्मक असर होता है । इसलिए कई बार तिलक लगाने, मंदिर में घंटी बजाने, शंख बजाने आदि कार्य को करने का विधान आज भी बना हुआ है। जिनके वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों फायदे हैं।
मंदिर में घंटी बजाने का धार्मिक महत्व
शास्त्रों में कहा गया है कि जिस मंदिर में घंटी बजाने की आवाज नियमित आती है, उसे जागृत देव मंदिर कहते हैं। घंटी की आवाज से मंदिर में प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति के देवता चैतन्य हो जाते हैं। जिससे उनकी पूजा प्रभावशाली तथा शीघ्र फल देने वाली होती है।
मंदिर में घंटी बजाने का वैज्ञानिक महत्व
एक वैज्ञानिक कारण भी है कि घंटी की आवाज से वातावरण में कंपन उत्पन्न होता है, जो वहां के वातावरण में उपस्थित जीवाणुओं और विषाणुओं को नष्ट कर देता है। इससे भी पर्यावरण शुद्ध होता है। इसके अलावा घंटी की आवाज से नकारात्मक सोच खत्म होती है तथा विचारों की शुद्धता बनी रहती है। इसलिए जब कभी भी मंदिर जाए, तो घंटी जरूर बजाएं ।
जानिए कि मंदिर के शिखर पर कलश क्यों रखते है
इसी तरह अक्सर मंदिर के शिखर पर कलश रखा हुआ देखते हैं। इस संबंध में मान्यता है कि कलश में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का निवास होता है। सीता जी की उत्पत्ति भी कलश से ही मानी जाती है।
समुद्र मंथन के समय प्राप्त अमृत भी कलश में ही था। प्राचीन मंदिरों या तस्वीरों में भी भगवती लक्ष्मी को दो हाथियों द्वारा जल से स्नान करते हुए दिखाया गया है। मंदिरों के शिखर पर कलश लगाने से उस स्थान पर त्रिदेव तथा मात्रशक्तियों की विशेष कृपा बरसती है। इसी वजह से वहां आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होती है। इस कलश में ऊर्जा संग्रहित होती है। जिससे मंदिर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।