सूर्य हर राशि में एक-एक महीने तक भ्रमण करता है और उसी के अनुरूप जातक को लाभ एवं हानि होती है। वैसे पंचम भाव में सूर्य हानि देता है और अगर यह छठे भाव में हो, तो जातक के जीवन में खुशियां आती हैं। आधुनिक युग में भी ज्योतिष शास्त्र का महत्वपूर्ण स्थान है। दरअसल अपनी व्यस्त होती जा रही दिनचर्या में लोग कई बार परेशानियों से घिर जाते हैं, जिनसे निजात पाने के लिए वह या तो ईश्वर की शरण लेते हैं या ज्योतिष जैसी विधियों की। अगर गौर…
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